Rajan tiwari

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जिंदगी तेरी जुस्तजू

आदरणीय दोस्तों, एक ताज़ा ग़ज़ल आपकी समाअतों की नज़्र कर रहा हूँ, म2122-1212-22/112

जिंदगी तेरी जुस्तजू भी नहीं,
कोई उम्मीद तेरी सू भी नहीं//1

मुझसे दिल का अजीब है रिश्ता,
हमनवां भी नहीं, अदू भी नहीं//2

इक़ तो लम्बा है जिंदगी का सफ़र,
और चलने को साथ तू भी नहीं//3

जब भी आँखों में उसकी देखा है,
कुछ छुपा भी नहीं, नुमू भी नहीं//4

हक़ महब्बत का हो अदा कैसे,
जिस्म में अब मिरे लहू भी नहीं//5

कैसी बेरंग है ये फ़सले बहार,
अब तो गुलशन में रंग-ओ-बू भी नहीं//6

रोज आता है वो ख़यालों में,
सामने भी है रू-ब-रू भी नहीं//7

किस दर-ए-दिल प जाके दस्तक़ दूँ,
कोई सरगोशी कू-ब-कू भी नहीं//8

कल मिला था कोई मुझे 'राजन',
तेरे जैसा भी, हू-ब-हू भी नहीं//9

                ✍️
     राजन तिवारी 'राजन'
           इंदौर (म.प्र.)
        7898897777

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4 Comments

Abhishek sharma

13-Feb-2021 11:21 PM

bohut achcha likha sir

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Rajan tiwari

15-Feb-2021 12:22 AM

Bahut bahut shukriya aapko

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Manish Kumar(DEV)

13-Feb-2021 11:05 PM

Nice 👍🏽👍🏽

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Rajan tiwari

15-Feb-2021 12:22 AM

Bahut shukriya aapka

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